झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण मार्च को जगह जगह काँटेदार बैरिकेडिंग लगा कर रोकने की कोशिश की गयी, हालांकि छात्रों ने बिना किसी उग्रता के बेरिकेडिंग्स हटाते हुए अपना मार्च जारी रखा, लेकिन जैसे ही छात्र विधानसभा के करीब पहुँचने वाले थे पुलिस द्वारा लाठीचार्ज कर दिया गया, झारखंड पुलिस ने छात्रों को तितर बितर करने के लिए अश्रु गैस , लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अचानक बल प्रयोग करने और महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा पहुंचना चाहते थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। झारखंड पुलिस की इस बर्बरता पूर्ण कार्यवाही में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। छात्रों के साथ ही की मीडिया कर्मी भी पुलिस की कार्यवाही की चपेट में या गए। प्रदर्शनकारीयों के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्वक बैठने तथा बातचीत करने की बात कही थी।प्रदर्शनकारीयों ने दावा किया कि पुलिस अधीक्षक के वहां से जाने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी गई। उसने आरोप लगाया कि अंधेरे की आड़ में पुलिस ने अचानक और तेज कार्रवाई की, जिससे प्रदर्शनकारियों को संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का पर्याप्त मौका भी नहीं मिला।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने दावा किया कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मारपीट की और मौके पर महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। महतो ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के आगे की रणनीति को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों को समर्थन देने की बात भी कही। उनके मुताबिक, जिस तरह वे प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ खड़े रहे, उसी तरह आगे भी उनके साथ खड़े रहेंगे। वहीं जंतर मंतर पर हुई पुलिस कार्यवाही को लोकतंत्र की हत्या बताने वाले विपक्षी दलों ने झारखंड छात्र आंदोलन पर चुप्पी साध रखी है, हालांकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फौरी तौर पर पुलिस की कार्यवाही की निंदा की है, लेकिन वह भी झारखंड सरकार पर सीधा निशान साधने से बचते ही नजर आए । सवाल उठता है की आखिर झारखंड में छात्रों के प्रति विपक्ष का दोहरा रवैया क्यों है। झारखंड भाजपा ने आज छात्र कार्यवाही के विरुद्ध आज झारखंड बंद का ऐलान किया है । अब देखना यह भी होगा की काशीपुर कांग्रेस के नेता पिछली बार की तरह क्या फिर एक बार झारखंड छात्रों के समर्थन में भी सड़क पर उतरेंगे , क्या काशीपुर छात्र संघ अध्यक्ष एक बार झारखंड के छात्रों के लिए मार्च निकालेंगे। क्योंकि छात्र तो छात्र हैं, तेरा वाला जेन जी और मेरा वाला जेन जी का खेल कब तक चलेगा?