जेन जी छात्र आंदोलनों के इस दौर में एक आंदोलन जेन एल्फा ने भी छेड़ दिया , वो भी अपने राज्य उत्तराखंड में, खबर राज्य के मुख्यमंत्री के शहर खटीमा के एकलव्य माडर्न आवासीय विद्यालय में खराब गुणवत्ता का खाना परोसने, दूषित पेयजल व शौचालयों की गंदगी समेत अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर यहाँ के विद्यार्थी व अभिभावक भड़क उठे। छोटे छोटे विद्यार्थी अपने अभिवावकों के साथ विद्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए, मामले ने टूल पकड़ तो तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मामला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंच गया। हालांकि मुख्यमंत्री ने जेन अल्फा की परेशानीयों का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रधानाचार्य भारती यादव को तत्काल पद से हटा दिया है । इसके साथ ही व्यवस्था में सुधार के आश्वासन पर विद्यार्थी माने और धामी जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बता दें, 2010 से 2024 के बीच जन्म लेने वाले बच्चों को जेन अल्फा कहा जाता है। एआइ व स्मार्ट तकनीक के दौर में बड़ी होने वाली यह नई पीढ़ी है।
इसके पश्चात खटीमा में मंगलवार को आयोजित बैठक में अभिवावकों ने एकलव्य विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। परिषद के संरक्षक गोपाल सिंह राणा ने कहा कि विद्यालय में बच्चों को एक्सपायरी डेट का चावल खिलाया जा रहा था। इस तरह गुणवत्ता विहीन भोजन के कारण बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा था जबकि शिकायत करने पर बच्चों को डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समस्त जनजातीय विद्यालयों की निगरानी के लिए राणा थारू परिषद को अधिकृत किया जाए। साथ ही राणा थारू परिषद की ओर से पांच सदस्यीय अनुश्रवण कमेटी बनाई जाए। उन्होंने कहा एकलव्य महाविद्यालय में हुई अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए। एकलव्य विद्यालय में थारू जनजाति से ईसाई बने बच्चों के प्रवेश निरस्त किए जाएं। भविष्य में ऐसे बच्चों को एकलव्य विद्यालय अथवा किसी भी जनजाति आवासीय विद्यालय में प्रवेश न दिया जाए।