काशीपुर : कांग्रेस के पूर्व मेयर प्रत्याशी को नहीं भाया वेंडिंग जोन बनाने का आइडिया

काशीपुर , नगर निगम काशीपुर द्वारा गिरिताल रोड के किनारे बनाए जाने वाले वेंडिंग ज़ोन को लेकर राजनीति शुरू हो गयी है, इस संबंध मे कांग्रेस के पूर्व मेयर  प्रत्याशी रहे नेता श्री संदीप सहगल द्वारा मीडिया के माध्यम से गिरिताल रोड पर सड़क किनारे बनाए जा रहे वेंडिंग ज़ोन की जगह को लेकर भाजपा सरकार व नगर निगम मेयर श्री  दीपक बाली की कड़ी आलोचना की है, संदीप सहगल का कहना है की सड़क किनारे करीब 8 फुट चौड़े  वेंडिंग एरिया को सड़क के पैदल मार्ग पर अतिक्रमण कर बनाया  जा रहा है, इससे से भविष्य में सड़क के दोनों ओर भारी अतिक्रमण हो जाएगा तथा वाहनों की आवाजाही प्रभावित होगी और आए दिन दुर्घटना होने का डर बना रहेगा , गौरतलब है की वेंडिंग ज़ोन का निर्माण को  मेयर दीपक बाली की शहर के पौराणिक स्थल गिरिताल के सौंदरीयकरण एवं विकास की महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रथम चरण बताया जा रहा है , उनके निर्देशन में नगर निगम काशीपुर शहर की की जगहों पर इस प्रकार के वेंडिंग ज़ोन के निर्माण का प्रस्ताव कर चुका है, इन वेंडिंग ज़ोन मे बनने वाली स्टालों के लिए नीलामी प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है। वेंडिंग ज़ोन में स्टाल लगाने के लिए गरीब वेंडर्स द्वारा निगम में निर्धारित बोली लगाकर रकम जमा कर दी गयी है । अब ऐसे में यदि उक्त वेंडिंग ज़ोन की योजना किसी विवाद में पड़ती है तो यह लोग स्वयं को ठगा सा महसूस  करेंगे।

गौरतलब है की पूर्व भाजपा के विधायक स्वर्गीय कैलाश चंद्र गहतोड़ी एवं काशीपुर भाजपा के तत्कालीन नेताओं  के अथक प्रयासों से गिरिताल बाइपास की रोड का निर्माण हुआ था, वर्तमान में इस रोड ने काशीपुर से रामनगर रोड पर जाने वाले ट्रेफिक को डाइवर्ट कर दिया है, जिससे शहर में लगने वाले जाम से लोगों को काफी राहत मिली है , किन्तु वेंडिंग ज़ोन बन जाने से सड़क पर अतिक्रमण  होना और जाम लगना भी लगभग निश्चित ही माना जा रहा है । किन्तु देखना यह है की इस मुद्दे को स्थानीय जनता किस तरह देखती है, और क्या संदीप सहगल अपनी पार्टी के साथ मिल कर इस मुद्दे पर भाजपा को घेरने मे कामयाब होंगे ? हालांकि सर्व विदित है की श्री संदीप सहगल एक अधिवक्ता भी हैं, मीडिया को अपने दिए वक्तव्य में, उन्होंने की बार माननीय उच्च न्यायालय के अतिक्रमण के संबंध में दिए निर्देशों का भी उल्लेख किया, ऐसे मे देखना  यह दिलचस्प होगा की क्या वह इस संबंध में हाईकोर्ट उत्तराखंड की शरण में भी जाएंगे ? कुल मिलाकर शहर की जनता जानना चाहती है की “सिर्फ हंगामा खड़ा करना ही मकसद है उनका, या उनकी कोशिश है की यह तस्वीर बदलनी चाहिए। ” 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *