शहर में गूँजे हर हर महादेव । मोटेश्वर महादेव पर लगा भक्तों का मेला ।

श्रावण मास के प्रारंभ होते ही काशीपुर के श्री मोटेश्वर महादेव पर भक्तों  की भीड़ उमड़ने लगी  है । महाभारत कालीन मोटेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग 12वां उप ज्योतिर्लिंग है। मंदिर के पुजारियों के अनुसार यह शिवलिंग भूमि के 30  फिट से भी अधिक गहरा है । शिवलिंग की मोटाई अधिक होने के कारण यह मोटेश्वर महादेव मंदिर के नाम से विख्यात है। स्कंद पुराण में भगवान शिव ने कहा कि जो भक्त कांवड़ कंधे पर रखकर हरिद्वार से गंगा जल लाकर यहां चढ़ाएगा, उसे मोक्ष मिलेगा। इसी मान्यता के चलते मन्नत पूरी होने पर यहां लोग कांवड़ चढ़ाने दूर-दराज से पहुंचते हैं।

चैती मैदान में महादेव नहर के किनारे स्थित मोटेश्वर महादेव मंदि में श्रावण में सैकड़ों श्रद्धालु पूजा करने आते हैं। हर साल महाशिवरात्रि पर्व पर यहां भव्य मेला लगता है।  श्रावण के सोमवार कोे यहां सैकड़ों श्रद्धालु अपने अराध्य का जलाभिषेक करने दूर-दराज से पहुंचते हैं। मोटेश्वर महादेव मंदिर दूसरी मंजिल पर है। यह मंदिर जागेश्वर के कारीगर ने बनाया था। मान्यता है की यह शिवलिंग स्वयंभू है, तथा महाभारत कालीन है। कुछ लोगों का मानना है की इस शिवलिंग की खोज पांडवों में से एक पांडव भीम द्वारा की गई थी इसी कारण इसका नाम भीमशंकर महादेव भी पड़ा ।

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