पिछले दिनों जंतर मंतर पर हुए पेपर लीक मुद्दे पर छात्र आंदोलन में विपक्ष ने भी सक्रिय भूमिका निभाई, तथा सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा, देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन मार्च निकाले गए, ऐसा ही एक प्रदर्शन काशीपुर कांग्रेस के एक नेता द्वारा अपने समर्थकों के साथ जोर शोर से निकाला गया, तथा छात्रों के प्रति सहानुभूति दिखाई गई। हालांकि सरकार द्वारा छात्रों की मांग मान लिए जाने पर, विपक्ष के हाथ कुछ ज्यादा लगा नहीं। किंतु सवाल उठता है कि अब जो छात्र झारखंड में आंदोलन रत हैं, और जिनका आंदोलन एक आदर्श मानक दिखा रहा है। न गली गलौच, न देश के सुरक्षा बलों पर हमले, न जाती सूचक नारे। फिर अब कांग्रेस क्यों मौन है। अब उन छात्रों के समर्थन में कोई मार्च क्यों नहीं निकाल रहे हैं नेता जी।
सवाल सीधा है काशीपुर कांग्रेस एवं छात्र संघ अध्यक्ष काशीपुर से जिन्होंने जोर शोर से स्वयं को छात्र हितैषी बताते हुए प्रदर्शन मार्च निकाला था। आखिर दोहरा मापदंड क्यों ? क्या आपका पूर्व प्रदर्शन मार्च केवल राजनीतिक था, आपको छात्र हितों से कोई सरोकार नहीं ?