SDM काशीपुर को भी मिल गया SIR का नोटिस

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत नाम, पता और रिकॉर्ड में त्रुटियों को सुधारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में केवल आम मतदाताओं ही नहीं, बल्कि राज्य के अधिकारियों और नेताओं को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं,  राज्य के कई मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, इसी तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, काशीपुर एसडीएम अभय प्रताप सिंह को भी नाम या पते में त्रुटियों के कारण नोटिस मिले हैं।

विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान कई जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को भी दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।  नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के पुत्र संजीव आर्य एवं परिवार के अलावा पूर्व विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि, साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी मतदाता सूची में दर्ज विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस भेजे गए हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत लगभग 24 लाख नोटिस जारी किए जाने थे, जिनमें से अब तक करीब 19 लाख (77 प्रतिशत) नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। अब तक विभाग को फॉर्म-6 के लगभग 93 हजार आवेदन, फॉर्म-7 के 1.39 लाख आवेदन, और फॉर्म-8 के 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों के साथ हुई बैठक में निर्देश दिए कि 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांग मतदाताओं के मामलों में सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई उनके घर जाकर की जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक मतदाता अधिकतम पांच दावे या आपत्तियां प्रस्तुत कर सकता है। किसी राजनीतिक दल का बूथ लेवल एजेंट (BLA) एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म जमा कर सकता है। यदि पुनरीक्षण अवधि में किसी BLA द्वारा 30 से अधिक फॉर्म जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) स्वयं जांच और सत्यापन करेंगे। नोटिस मिलने से जहां आम जनता परेशानी से जूझ रही है, वहीं चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार व बिना किसी पक्षपात के लागू करने की बात कही है।

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