कल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे महारैली को संबोधित करने हल्द्वानी पहुंचे थे , जहां प्रदेश के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं नेताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की विजय का मंत्र लेने खड़गे जी के कार्यक्रम में पहुंचे । काशीपुर कांग्रेस की तैयारी इस आयोजन में कितनी संगठित रूप से की गयी थी इस बात का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है की काशीपुर के कांग्रेसी एकजुट न होकर बल्कि अलग अलग गुटों में हल्द्वानी पहुंचे । जैसा की मैंने पिछले संपादकीय में आशंका जताई थी की शहर में तीन प्रदेश सचिव बनाए जाने से खींच तानी होना निश्चित है, वही होता दिख रहा है जहां एक और शंखनाद रैली में काशीपुर कांग्रेस के नेतृत्व का दावा नवनिर्वाचित प्रदेश सचिव डा 0 दीपिका गुड़िया आत्रे द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर किया जा रहा है, वहीं दूसरे प्रदेश सचिव मुशर्रफ हुसैन टीम अनुपम शर्मा से जुड़ कर उनके नेतृत्व में महानगर कांग्रेस के हल्द्वानी कूच का दावा कर रहे हैं , वहीं सब से अलग संदीप सहगल स्वयं को इन दोनों गुटों से सर्वोच्च माने हुए अपने नेतृत्व में कांग्रेस का झण्डा उठाए हुए हैं । साफ दिख रहा है की काशीपुर महानगर कांग्रेस में गुटबाजी हो चुकी है, जो की विधानसभा चुनाव नजदीक आयात आते चरम पर पहुँच जाएगी। यह भी स्पष्ट है की काशीपुर के शीर्ष नेतृत्व और पूर्व मेयर प्रत्याशी संदीप सहगल के बीच सब कुछ सही नहीं है, जिसका प्रमाण महानगर कांग्रेस के अनुपम शर्मा गुट द्वारा महारैली का आह्यवान का पोस्टर था जिसमे श्री संदीप सहगल और डा. दीपिका गुड़िया आत्रे को कोई जगह नहीं दी गयी किन्तु महानगर अध्यक्ष श्रीमति अलका पाल एवं नव निर्वाचित प्रदेश सचिव मुशर्रफ हुसैन एक साथ नजर आए । इस पोस्टर ने संदीप सहगल एवं महानगर कांग्रेस के अलगाव की अटकलों का बाजार गरम कर दिया है। देखा जाए तो संदीप सहगल शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी अलग छवि और हाजिरी दर्ज कराने की भरकस प्रयास कर रहे हैं, किन्तु आज की महारैली में खड़गे जी का स्वागत में जब संदीप सहगल जी द्वारा खड़गे जी को भगवा दुपट्टा उड़ाने का प्रयास किया गया, तब खड़गे जी असहज दिखे और उन्होंने वो दुपट्टा वापस संदीप सहगल को पहना दिया , हालांकि संदीप सहगल की टीम इस घटना को शायद गंभीरता से न ले पा रही हो लेकिन सर्वविदित है की कांग्रेस में भगवा का स्थान नहीं है, और शीर्ष नेतृत्व इस रंग से परहेज करता नजर आता है। खैर ईश्वर काशीपुर कांग्रेस के नेताओं को ज्ञान प्रदान करें ताकि आने वाले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस काशीपुर सीटआपसी गुटबाजी में न फंस कर, एकजुट होकर चुनाव लड़ पाए तो कुछ चमत्कार कर पाए, जो की वर्तमान स्तिथि में संभव नहीं दिखाई दे रहा ।