मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक शुक्रवार को सचिवालय में हुई। बैठक में हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है। साथ ही बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई है। बैठक में कुल 15 विषयों पर फैसला लिया गया। लेकिन हास्यास्पद बात यह की इन फैसलों में कहीं भी काशीपुर कस्बे का जिक्र नहीं है।अगर सरकार को सुध होती या जन प्रतिनिधियों ने प्रयास किए होते तो काशीपुर रामनगर के बीच सैकड़ों एकड़ सरकारी भूमि पर भी हाई कोर्ट की शिफ्टिंग की जा सकती थी ।
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस फैसले से पहले से ही विकास की दौर में अग्रणी हल्द्वानी और रुद्रपुर जैसे शहर की बाजार, रियल एस्टेट, होटल इंडस्ट्री की मंहगाई को सांतवे आसमान पर पहुंचना निश्चित है। इस स्वीकृति के साथ ही यह बात स्पष्ट हो गयी की सरकार के पास काशीपुर को देने के लिए लुभावने वादों और सपनों के अलावा कुछ नहीं है। उत्तराखंड राज्य में काशीपुर की भूमिका केवल स्वागत नगरी के रूप में ही रह गयी है, न तो विधायक जी के पास कोई विकास का रोड मैप है और न ही सांसद महोदय को काशीपुर की कोई खास चिंता है। राज्य निर्माण के बाद से आज तक काशीपुर वासियों को विकास के नाम पर केवल वादे ही मिले हैं, शहर के विकास की कोई नीति बनाने में किसी सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। काशीपुर – रामनगर क्षेत्र के आस पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के बाद भी हाई कोर्ट को रामनगर काशीपुर क्षेत्र में शिफ्ट करने के संबंध में चर्चा तक नहीं की गयी । काशीपुर- रामनगर जैसे शहरों को राज्य निर्माण के बाद मिला क्या आखिर , न एम्स जैसे संस्थान, न एयरपोर्ट, न कोई नए सरकारी मेडिकल कॉलेज या उच्च शिक्षा संस्थान और अब हाई कोर्ट के हल्द्वानी शिफ्ट होने के फैसले ने, काशीपुर और रामनगर के विकास की उम्मीद के ताबूत मे एक और कील ठोक दी है। क्या काशीपुर केवल खनन राजस्व वसूली और रामनगर केवल पर्यटन ये वसूली मात्र के लिए हैं ? प्रदेश की विकास योजनाओं मे इनकी कोई हिस्सेदारी क्यों नहीं । विधायक काशीपुर को आने वाले विधानसभा चुनाव में इन सवालों का जवाब शहर की जनता को देना होगा, आखिर कब तक इस क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता रहेगा ।